: आचार्य श्री समय सागर जी महाराज का प्रथम आचार्य पद पदारोहण महोत्सव मनाया गया
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Sat, Apr 5, 2025
आचार्य श्री समय सागर जी महाराज का प्रथम आचार्य पद पदारोहण महोत्सव मनाया गया
दमोह। दिगंबर जैन धर्मशाला में विराजमान निर्यापक मुनि श्री अभय सागर जी महाराज के ससंघ मंगल सानिध्य में पट्टाचार्य समय सागर जी महाराज का प्रथम आचार्य पद पदारोहण महोत्सव अति उत्साह पूर्वक ब्रह्मचारी अंकित भैया के निर्देशन में मनाया गया। दिगंबर जैन धर्मशाला में प्रातः काल मुनि संघ के मंगल सानिध्य में श्रीजी का सामूहिक महा अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई इंद्र बनाकर प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य आनंद लैब डॉक्टर गौरव नायक आनंद बीएसएनल ग्रीस इटोरिया रूपचंद जैन परिवार को प्राप्त हुआ जबकि शांति धारा करने का सौभाग्य सुनीता जैन अशोक कमर्शियल श्रेयांश लहरी गिरीश नायक सचिइंद्र जैन जिनेंद्र मंडला एवं संजीव शाकाहारी के परिवार को प्राप्त हुआ इसके पश्चात आचार्य छत्तीशी मंडल विधान संपन्न हुआ विधान उपरांत मुनि श्री के मंगल प्रवचन के पूर्व अभय बनगांव संतोष सिंघई एवं तहसीलदार मोहित जैन ने शास्त्र भेंट किया दिगंबर जैन पंचायत महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति जैन मिलन नगर शाखा एवं नन्हे मंदिर कमेटी के पदाधिकारी ने महावीर जयंती हेतु मुनि संघ को श्रीफल अर्पित किए इस मौके पर मुनि श्री चंद्र सागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचनों में कहा कि आत्मा मैं सम्यक दर्शन ज्ञान और चरित्र के रूप में तीन रत्न होते हैं जो इन्हें जान लेता है उसे संसार में रूलना नहीं पड़ता वह संसार से पार हो जाता है गुरुदेव हमें संसार से पार लगाते हैं गुरुदेव ने हम पर बहुत उपकार किए हैं उनके उपकारों को कभी नहीं भुलाया जा सकता गुरुदेव ने हमें आचार्य समय सागर जी के रूप में साधु परमेष्ठी उपाध्याय परमेष्ठी और आचार्य परमेष्ठी प्रदान किए हैं। इसके पश्चात निर्यापक मुनि श्री अभय सागर जी महाराज ने कहा कि गुरुदेव ने संलेखना पूर्वक अपने आचार्य पद को त्याग कर हमें समय सागर जी महाराज के रूप में आचार्य परमेष्ठी देने के संकेत बहुत पूर्व में ही दे दिए थे आचार्य भगवान ने अपनी आध्यात्मिक यात्रा राजस्थान की मरुभूमि से प्रारंभ करके बुंदेलखंड की इस उर्वरा भूमि में अनेक रतन को प्रदान किया जिनकी चमक से आज मानव मात्र आध्यात्मिक ऊर्जा को प्राप्त कर रहा है [caption id="attachment_6283" align="alignnone" width="963"]
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उन्होंने अपने जीवन काल में 508 दीक्षाएं प्रदान की दीक्षाएं ज्ञान वैराग्य की पुष्टि कर कर्मों की निर्जरा में सहायक होती है बड़े बाबा की सन्निधि में आचार्य श्री ने अनेक दीक्षाएं दी और उनके ही छत्रछाया में नवाचार पूज्य समय सागर जी महाराज को हम सभी साधुगण ने उच्च शासन पर विराजमान किया हम पर उनकी छत्रछाया बनी रहे और इसी तरह जिन शासन उन्नति को प्राप्त होता रहे यही हम सब की भावना है। शाम को निर्यापक मुनि श्री अभय सागर जी का संघ सहित पथरिया की और विहार हो गया।
दमोह नगर में महावीर जयंती पर होंगे विविध धार्मिक आयोजन- दमोह जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव पर महोत्सव आयोजन समिति के द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन निर्यापक मुनि श्री अभय सागर जी महाराज के ससंघ मंगल सानिध्य में अति उत्साह पूर्वक किया जाएगा। उपरोक्त जानकारी जन्म कल्याणक महोत्सव समिति के प्रवक्ता सुनील वेजीटेरियन ने प्रदान करते हुए बताया
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कि महोत्सव के आयोजन हेतु दिगंबर जैन पंचायत के द्वारा भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति का गठन किया है जिसका संयोजक महेश दिगंबर को मनोनीत किया गया है जिनके नेतृत्व में विभिन्न समितियां कार्यक्रम की तैयारी में जुटी है पूरे आयोजन को सात दिवसीय बनाया गया है 5 से 12 अप्रैल तक कार्यक्रम रखे गए हैं 5 अप्रैल को गौशाला में गोग्रास एवं चित्रकला प्रतियोगिता 6 अप्रैल को व्यंजन मेला 7 अप्रैल को भोजन वितरण एवं सम्मान समारोह 8 अप्रैल को स्वास्थ्य शिविर एवं साइ काल अहिंसा रैली 9 अप्रैल को पाठशाला का सांस्कृतिक कार्यक्रम 10 अप्रैल को श्री जी की भव्य शोभा यात्रा तथा निर्यापक श्री के मंगल प्रवचन और 12 अप्रैल को हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष सुधीर सिंघई ने सभी श्रद्धालुगनों से महोत्सव में सम्मिलित होने की अपील की है।Tags :
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