: *भोलेनाथ का महाभिषेक करने से होती हैं सारी मनोकामना पूर्ण - पं. ऋषिकांत गर्ग*
admin
Mon, Jan 27, 2025
*भोलेनाथ का महाभिषेक करने से होती हैं सारी मनोकामना पूर्ण - पं. ऋषिकांत गर्ग*
नरसिंहगढ़ में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण महारुद्राभिषेक किया गया कथा वाचक बालव्यास पं.ऋषिकांत गर्ग जी महाराज ने बताया की पुराणों के अनुसार स्वर्ग में शंकर भगवान के 'सिर' की, पृथ्वीलोक पर 'शिव-लिंग' की तथा पाताल में उनके 'पैरों' की पूजा का विधान है।
भगवान शिव की पूजा जीवन व मन से सारे कलह-क्लेश मिटाकर हर सुख देने वाली मानी गई है। शास्त्रोक्त विधि-विधान से की गई शिवलिंग पूजा शीघ्र ही भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती है।
शिवलिंग के दक्षिण दिशा की ओर बैठकर यानि उत्तर दिशा की ओर मुंह करके पूजा और अभिषेक शीघ्र फल देता है पुराणों के मतानुसार शिवलिंग पूजन, विश्वरूपी शिव का पार्थिव पूजन है। पृथ्वी पर रहने वालों को केवल इसी अंग की आराधना करने का अधिकार है। वे शिव के संपूर्ण अनंत स्वरूप की आराधना एक साथ नहीं कर सकते। स्वर्ग में शिवजी के 'सिर की, पृथ्वी पर 'शिवलिंग' की तथा पाताल में उनके 'पैरों' की पूजा की जाती है।
मंदिरों में स्थापित शिवलिंगों में ही उनकी पूजा-अर्चना की जाती है लेकिन पार्थिव लिंगार्चन का विशेष महत्व है, जिसकी विधि, पुराणों, विशेषकर शिव पुराण में विस्तृत रूप से वर्णित है। शिव उपासना से कामनाओं की पूर्ति के लिए पार्थिव शिवलिंग पूजा बहुत ही शुभ मानी गई है। पार्थिव शिवलिंग पूजा मनचाहे सुख देती है।
भगवान शिव की पूजा जीवन व मन से सारे कलह-क्लेश मिटाकर हर सुख देने वाली मानी गई है। शास्त्रोक्त विधि-विधान से की गई शिवलिंग पूजा शीघ्र ही भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती है।
शिवलिंग के दक्षिण दिशा की ओर बैठकर यानि उत्तर दिशा की ओर मुंह करके पूजा और अभिषेक शीघ्र फल देता है पुराणों के मतानुसार शिवलिंग पूजन, विश्वरूपी शिव का पार्थिव पूजन है। पृथ्वी पर रहने वालों को केवल इसी अंग की आराधना करने का अधिकार है। वे शिव के संपूर्ण अनंत स्वरूप की आराधना एक साथ नहीं कर सकते। स्वर्ग में शिवजी के 'सिर की, पृथ्वी पर 'शिवलिंग' की तथा पाताल में उनके 'पैरों' की पूजा की जाती है।
मंदिरों में स्थापित शिवलिंगों में ही उनकी पूजा-अर्चना की जाती है लेकिन पार्थिव लिंगार्चन का विशेष महत्व है, जिसकी विधि, पुराणों, विशेषकर शिव पुराण में विस्तृत रूप से वर्णित है। शिव उपासना से कामनाओं की पूर्ति के लिए पार्थिव शिवलिंग पूजा बहुत ही शुभ मानी गई है। पार्थिव शिवलिंग पूजा मनचाहे सुख देती है।Tags :
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