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: छतरपुर की प्रियॉसी और प्रसिद्धि का चयन 'संस्कार तीर्थ शाश्वत धाम' उदयपुर में

admin

Sat, Apr 5, 2025
बुंदेलखंड की बेटियाँ बनीं संस्कार गौरव की प्रतीक छतरपुर की प्रियॉसी और प्रसिद्धि का चयन 'संस्कार तीर्थ शाश्वत धाम' उदयपुर में देशभर की 12 में से 5 बालिकाएँ बुंदेलखंड की, चयन परीक्षा में हासिल की सफलता विनोद कुमार जैन | बकस्वाहा   छतरपुर ज़िले के बकस्वाहा नगर की दो बालिकाएं — प्रियॉसी जैन (पुत्री श्री विनोद जैन) एवं प्रसिद्धि जैन (पुत्री श्री नरेन्द्र जैन) — ने एक बार फिर बुंदेलखंड को गौरवान्वित किया है। इन दोनों बालिकाओं का चयन उदयपुर स्थित संस्कार तीर्थ ‘शाश्वत धाम’ में संचालित जैन बालिका संस्कार संस्थान एवं जैन दर्शन कन्या महाविद्यालय में हुआ है।   इस वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया में देशभर से कुल 12 बालिकाओं का चयन हुआ, जिनमें से 5 बालिकाएं बुंदेलखंड क्षेत्र से हैं। यह चयन न केवल क्षेत्रीय गौरव है, बल्कि देशभर में संस्कारित शिक्षा की ओर बढ़ते कदमों का प्रमाण भी है।   "संस्थान शिक्षा ही नहीं, संस्कारों का तीर्थ है" — ललित किकावत   संस्थान के अध्यक्ष ललित कुमार किकावत (लूणदा) ने कहा कि, “शाश्वत धाम में बालिकाओं को धार्मिक, नैतिक व व्यवहारिक शिक्षा के साथ आत्मिक विकास का माहौल मिलता है।”   "शास्त्रीय व लौकिक शिक्षा का संतुलन" — बी.डी. जैन   उपाध्यक्ष बी.डी. जैन (मुंबई) के अनुसार, “यहाँ आठवीं से दसवीं तक अंग्रेजी माध्यम में और 11वीं–12वीं संस्कृत माध्यम में पढ़ाई होती है। तत्पश्चात छात्राएं ‘शास्त्री’ (B.A.) उपाधि प्राप्त करती हैं।”   "छात्राओं के सर्वांगीण विकास का केंद्र" — भावेश कालिका   महामंत्री भावेश कालिका (उदयपुर) ने बताया कि, “गोष्ठियाँ, लेखन प्रतियोगिताएँ, ध्यान-योग और सांस्कृतिक गतिविधियों से छात्राओं का आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल बढ़ता है।”   "निःशुल्क और सुरक्षित छात्रावास" — राकेश जैन   प्रबंधक राकेश जैन ने जानकारी दी, “छात्रावास में भोजन, आवास, चिकित्सा, कंप्यूटर, संगीत, योग व पुस्तकालय जैसी सभी सुविधाएँ निःशुल्क हैं। बालिकाओं को घर जैसा वातावरण देने का प्रयास होता है।”   "चयन प्रक्रिया में गुणवत्ता प्राथमिकता" — डॉ. अंकित शास्त्री संयोजक डॉ. अंकित शास्त्री (लूणदा) के अनुसार, “प्रवेश साक्षात्कार, संस्कार मूल्यांकन व शास्त्र अध्ययन की परीक्षा के आधार पर हुआ। बालिकाएं सच्चे अर्थों में जिज्ञासु और योग्य थीं।” "व्यवस्था की पारदर्शिता हमारी विशेषता" — नरेन्द्र दलावत कोषाध्यक्ष नरेन्द्र दलावत (उदयपुर) ने कहा, “हर सुविधा नियोजन के साथ संचालित होती है, जिससे गुणवत्ता बनी रहती है।” "शिक्षा के साथ साधना और सेवा" — डॉ. महावीर शास्त्री   मंत्री डॉ. महावीर प्रसाद शास्त्री (उदयपुर) ने कहा, “यहाँ शिक्षा को चरित्र निर्माण के साथ जोड़ा गया है। बालिकाएं व्यवहार और विनम्रता में भी शिक्षित बनती हैं।” "जिनवाणी के साथ आत्मकल्याण की राह" — डॉ. जिनेन्द्र शास्त्री   डॉ. जिनेन्द्र शास्त्री (उदयपुर) ने कहा, “शाश्वत धाम आत्मगौरव, संयम और शास्त्रों के आधार पर जीवन जीने की प्रेरणा देता है।”   "सहयोग और ईमानदारी से चलता है संस्थान" — नरेन्द्र वालावत   सह कोषाध्यक्ष नरेन्द्र वालावत ने कहा कि, “संस्थान समाज के सहयोग से पारदर्शिता और सेवा भावना के साथ संचालित होता है।” नगरवासियों की शुभकामनाएँ प्रियॉसी और प्रसिद्धि की इस सफलता पर बकस्वाहा नगर में प्रसन्नता की लहर है। परिजनों, शिक्षकों और नागरिकों ने दोनों बालिकाओं को शुभकामनाएँ दी हैं।

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