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: डॉक्टर की लापरवाही पड़ रही मूक पशुओं पर भारी, इलाज के अभाव में काल के गाल में समा रहे मूक पशु

admin

Tue, Oct 15, 2024

डॉक्टर की लापरवाही पड़ रही मूक पशुओं पर भारी, इलाज के अभाव में काल के गाल में समा रहे मूक पशु

 

बक्सवाहा: बक्सवाहा मुख्यालय पर स्थित सरकारी पशु चिकित्सालय में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। मवेशियों के इलाज के लिए पशुपालकों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। शनिवार को सामने आए एक मामले में, गौपालक राकेश लोधी और विशाल ने बताया कि वे लगातार चार दिनों से पशु चिकित्सालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वहां डॉक्टर और स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण उन्हें अपने गौवंश का इलाज घर पर ही करने के लिए मजबूर होना पड़ा। बक्सवाहा विकासखंड में एक मुख्य पशु चिकित्सालय और चार उप स्वास्थ्य केंद्र हैं, लेकिन डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की गैरहाजिरी के कारण मूक पशुओं को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय पशुपालकों का कहना है कि जब भी वे अपने मवेशियों को इलाज के लिए लाते हैं, तो चिकित्सालय में डॉक्टर मौजूद नहीं होते। ऐसे में केवल कंपाउंडर के माध्यम से ही इलाज किया जाता है, जिसमें उपयोग की जाने वाली दवाइयाँ और अन्य सामग्री उन्हें बाजार से खरीदनी पड़ती हैं।   सोमवार को एक गाय के बीमार होने की सूचना मिली। नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा उसे पशु चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन वहां उसे बिना चारे और पानी के छोड़ दिया गया। अब वह गाय मरणासन्न स्थिति में पहुंच चुकी है, क्योंकि उसे केवल दवाएं दी गई हैं, जबकि उचित देखभाल की कोई व्यवस्था नहीं की गई। यह घटना अस्पताल की लापरवाही को और उजागर करती है।   बक्सवाहा में कई मवेशी गंभीर बीमारियों का सामना कर रहे हैं, जिनमें से दो दम तोड़ने के कगार पर हैं। यह स्थिति न केवल पशुओं के लिए चिंताजनक है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। किसानों का कहना है कि मवेशियों की बीमारियों का सीधे तौर पर उनके आजीविका पर असर पड़ता है।   इस गंभीर मुद्दे पर तहसीलदार भरत पांडे ने कहा, "मुझे मामले की जानकारी मिली है। सामुदायिक पशु चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टरों और स्टाफ को नोटिस जारी किया जाएगा और उनसे जवाब मांगा जाएगा। हम इस मामले को गंभीरता से लेंगे।" उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले की जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।   स्थानीय लोगो का कहना है कि कुछ गैर जिम्मेदार लोग सरकारी दवाओं का दुरुपयोग कर मोटी रकम कमा रहे हैं, जिससे अस्पताल की स्थिति और बिगड़ गई है। प्रशासन की सक्रियता की उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही उचित चिकित्सा उपलब्ध हो सकेगी और पशुपालकों की समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा। अगर स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो मूक पशुओं के लिए यह चिंता का विषय बना रहेगा।

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