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: भगवान भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं: एक आशा कार्यकर्ता संभाल रही उप स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण परेशान

admin

Thu, Jul 25, 2024
भगवान भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं: एक आशा कार्यकर्ता संभाल रही उप स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण परेशान **विनोद कुमार जैन** **बक्सवाहा:** मध्यप्रदेश की मोहन सरकार एक तरफ विकास की बड़ी-बड़ी बातें करती नजर आती है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होती है। शिवराज सरकार में बक्सवाहा ब्लॉक में लगभग 16 उप स्वास्थ्य केंद्र खोले गए थे। हर उप स्वास्थ्य केंद्र में शासन द्वारा तीन पदों पर भर्ती की गई थी, जिनमें एक एमपीडब्ल्यू, एक एएनएम, और एक सीएचओ शामिल थे। लेकिन दो-चार उप स्वास्थ्य केंद्रों को छोड़ दें तो बाकी के अधिकांश केंद्रों में ताला लगा रहता है। अधिकांश गांवों में तो उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ कर्मचारियों का चेहरा तक गांव वालों ने नहीं देखा है और आज तक वे उन्हें पहचानते भी नहीं हैं। बक्सवाहा ब्लॉक में सोलह उप स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिनमें बम्होरी, जैतुपुरा, गडोही, सुनवाहा, निवार, नैनागिर, सौरई, मझगुवां घाटी, देवरी, सैडारा, बाजना, दरगुवां, ढीमरवा, मडदेवरा, पडरिया, और निमानी शामिल हैं। इन सभी केंद्रों की स्थिति अत्यंत खराब है और अधिकांश समय बंद ही रहते हैं। ताजा मामला बक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत मडदेवरा का है, जहाँ एक आशा कार्यकर्ता के भरोसे उप स्वास्थ्य केंद्र पर काम चल रहा है। यहाँ मरीज इलाज के लिए दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं। मडदेवरा ग्राम के भूपेंद्र लोधी ने बताया कि "बारिश के कारण आए दिन गाँव में जीव-जंतुओं (सांप - बिच्छू) के काटने से लोगों को इलाज की अत्यधिक जरूरत होती है। लेकिन जब उप स्वास्थ्य केंद्र जाते हैं, तो वहां ताला पड़ा मिलता है।" प्रेमबाई अहिरवार ने बताया कि वह दो दिन से उप स्वास्थ्य केंद्र के चक्कर काट रही हैं, पर जब भी वहाँ जाती हैं, तो ताला लगा रहता है। इलाज तो दूर की बात, वहाँ कोई मिलता तक नहीं है। वह इतनी सक्षम नहीं हैं कि किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा सकें। अनन्तराम, हल्ले यादव, बालचंद साहू और सत्यम साहू ने भी इसी प्रकार की समस्याओं का सामना किया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब गरीब लोगों की सुध लेता है या फिर किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार करेगा। ऐसा पहली बार नहीं है जब लोगों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा हो; समय-समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलने वाली तस्वीरें सामने आती रहती हैं। उप स्वास्थ्य केंद्र मडदेवरा की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अगर प्रशासन ने जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों की मांग है कि सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों को नियमित रूप से खोला जाए और वहाँ आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ग्रामीणों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहना पड़े। इस संबंध में बक्सवाहा ब्लॉक के मुख्य चिकित्सा अधिकारी रविराज का कहना है कि सोलह उप स्वास्थ्य केंद्रों में चौदह सीएचओ पदस्थ थे, जिनमें से चार का स्थानांतरण हो गया है और इस समय सीएचओ की ट्रेनिंग चल रही है। जैसे ही ट्रेनिंग समाप्त होगी और नया स्टाफ आएगा, तो स्वास्थ्य सेवाएँ सुचारू रूप से मिलने लगेंगी। फिलहाल जितनी स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाया जा सकता है, उसके लिए मैं प्रयास कर रहा हूँ।

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