: *"बांदकपुर धाम में किसी भी तरह की भूमि का आवंटन लीज किसी को भी न हो। कलेक्टर कोचर को शिवभक्तों दिया ज्ञापन।"*
admin
Tue, Jan 28, 2025
*"बांदकपुर धाम में किसी भी तरह की भूमि का आवंटन लीज किसी को भी न हो। कलेक्टर कोचर को शिवभक्तों दिया ज्ञापन।"*
*"बांदकपुर धाम में कॉरिडोर निर्माण में विकास व्यवस्थित कार्य हेतु जो भी गौचर शासकीय भूमि हैं। उनका आवंटन किसी को भी न हो।दिया ज्ञापन।"*
*"बांदकपुर धाम में गौचर शासकीय भूमि का कोरिडोर निर्माण हेतु हो भूमियों का संरक्षण सुरक्षा कलेक्टर को दिया ज्ञापन।"*
प्रसिद्ध हिंदूतीर्थ श्रीजागेश्वर धाम बांदकपुर में प्रदेश सरकार के द्वारा भव्य विशाल ऐतिहासिक कॉरिडोर निर्माण होने जा रहा है।जिसकी शुरुआती लागत 100 करोड़ बताई जा रही इससे बांदकपुर धाम में व्यवस्थित विकास के अनेक कार्य होंगे। साथ ही भविष्य को देखते हुए लाखों भक्तों श्रद्धालुओं की संख्या व उनके लिए अनेक अनेक सुविधा व्यवस्था हेतु धाम के आसपास पड़ी भूमि का उपयोग भी होगा। जिसमें मंदिर ट्रस्ट की भूमि के साथ साथ गौचर एवं शासकीय भूमि का उपयोग भी हो सकता है। इसलिए अब इन सभी भूमियों का तीर्थ के विकास सौंदयकरण के लिए भूमि का संरक्षण सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।बांदकपुर धाम में पिछले कुछ वर्षों से कुछ भू माफिया पैसे,पद, वर्ग,समाज की आड़ लेकर गौचर शासकीय भूमियों को कब्जाने का प्रयास कर रहे हैं। हिंदूतीर्थ बांदकपुर धाम के गोवर्धन पर्वत पर ऐसे ही कुछ भू माफिया वर्ग समाज के लोगों ने गौचर शासकीय भूमि पर कुछ वर्षों तक अवैध कब्जा किए रखा। जिस पर प्रशासन मौन रहा। फिर भोले बाबा की कृपा पूज्य संतों के मार्गदर्शन में भक्तों श्रद्धालुओं मंदिर ट्रस्ट कमेटी की मांग पर उस समय के सांसद और वर्तमान कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल जी के विशेष प्रयास से वह संरक्षित स्थल(गोवर्धन पर्वत) मंदिर ट्रस्ट कमेटी को दिया गया है। लेकिन इसके बाद भी लगातार कुछ भू माफिया पैसे, पद, वर्ग समाज के नाम पर मंदिर की भूमि के साथ साथ गौचर ,शासकीय भूमियों पर भी नजरें गड़ाए बैठे हैं। जिसको लेकर शिवभक्तों ने मंगलवार जनसुनवाई में दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर को एक लिखित ज्ञापन शिवभक्तों की ओर से दिया गया है जिस पर कलेक्टर कोचर ने गौचर शासकीय भूमियों के संरक्षण सुरक्षा का भरोसा दिया है।
शिवभक्तों का कहना है कि बांदकपुर धाम में ऐसी किसी भी भूमि का आवंटन किसी भी वर्ग समाज के लोगों को न हो। जिससे विकास सौंदयकरण के कार्यों में रुकावट व्यवधान हो।
अन्यथा अपने तीर्थ की सुरक्षा सम्मान व्यवस्था में समस्त हिंदू सनातन धर्मप्रेमी शिवभक्त पूज्य संतों के मार्गदर्शन में उग्र आंदोलन विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
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