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: बेटी को बचाने में माँ हुई हादसे का शिकार, संगम की भगदड़ ने छीनी माँ की जान

admin

Wed, Jan 29, 2025
बेटी को बचाने में माँ हुई हादसे का शिकार, संगम की भगदड़ ने छीनी माँ की जान विनोद कुमार जैन वकस्वाहा: जीवन का कोई भरोसा नहीं होता, लेकिन एक माँ का प्यार और बलिदान कभी नहीं भूलते। 27 जनवरी 2025 को महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज पहुँची वकस्वाहा की ग्राम पंचायत सुनवाहा के निवासी हुकम लोधी (48 वर्ष) ने अपने जीवन का सबसे बड़ा बलिदान दे दिया। वह अपनी बेटी दीपा लोधी (उर्फ बिन्ना) और अन्य परिजनों के साथ पुण्य स्नान करने के लिए संगम की ओर बढ़ी थीं, लेकिन उस यात्रा में ऐसा दर्दनाक हादसा घटित हुआ कि परिवार का हर सदस्य जीवन भर इसे भूल नहीं पाएगा। हुकम लोधी  पति स्वं  रमेश लोधी निवासी सुनवाहा व  बेटी दीपा लोधी (बिन्ना), जेठ नारायण लोधी, जेठानी लक्ष्मी लोधी और गाँव के सैकड़ों श्रद्धालु भी प्रयागराज में स्नान करने के लिए गए थे। परिवार के सदस्य खंभा नं. 47 के पास रुके थे। रात्रि के लगभग 12 बजे पुलिस ने लाउडस्पीकर पर घोषणा की कि जो श्रद्धालु स्नान करना चाहते हैं, वे अब आगे बढ़ सकते हैं। धीरे-धीरे लोग बढ़ते गए और इस भीड़ में एक चूक ने हुकम लोधी की ज़िंदगी का रास्ता हमेशा के लिए बदल दिया। मृतक हुकम लोधी की जेठानी लक्ष्मी लोधी निवासी सुनवाहा ने संवाददाता से दूरभाष पर चर्चा करते हुए बताया की रात करीब 2 बजे संगम क्षेत्र में अचानक हुई भगदड़ के दौरान, हुकम लोधी की बेटी दीपा लोधी (बिन्ना) गिर गईं। यह देखकर हुकम लोधी बिना किसी डर के भीड़ में घुस गईं और अपनी बेटी को बचाने की कोशिश करने लगीं। वह दीपा को उठाकर खींचने की कोशिश करती हैं, लेकिन इसी दौरान वह खुद भीड़ की चपेट में आ जाती हैं। हुकम लोधी के परिजन नारायण लोधी, लक्ष्मी लोधी, व अन्य लोग उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश करते रहे, लेकिन भीड़ में कोई उनकी मदद नहीं कर सका। हुकम लोधी बेहोश हो गईं। पुलिस ने तुरंत उन्हें मेले के केंद्रीय अस्पताल में भेजा, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर जैसे ही उनके घर सुनवाहा पहुंची, एक शोक की लहर दौड़ गई। हुकम लोधी के पति स्वं  रमेश लोधी, उनकी बेटी दीपा लोधी (बिन्ना) और अन्य परिजनों का दिल टूट चुका था। एक माँ का बलिदान, एक बेटी के लिए अनमोल था।

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