: गायत्री शक्तिपीठ दमोह में नव नियुक्त उपजोंन समन्वयक इंजीनियर दिलीप कटारे का स्वागत स्थानिय गायत्री परिजनों ने किया।
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Sun, Jul 21, 2024
गायत्री परिवार के नए उपजोंन समन्वयक का दमोह आगमन
गायत्री शक्तिपीठ दमोह में नव नियुक्त उपजोंन समन्वयक इंजीनियर दिलीप कटारे का स्वागत स्थानिय गायत्री परिजनों ने किया।
इस अवसर पर पूर्ववर्ती समन्वयक श्री महेश बादल और सहायक उपजोंन समन्वयक दिनेश दुबे भी उपस्थित थे।जिला समन्वयक पी पी गर्ग, अनूप श्रीवास्तव और सुरतलाल अहीरवाल ने तीनों समन्वयकों का स्वागत मालाओं से किया। महेश बादल ने दमोह जिले के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ पर शांतिकुंज से निर्धारित सभी कार्य बहुत कुशल तरीके से किये जाते है।
दिलीप कटारे ने अपने अनुभव सुनाते हुए कहा कि मेट्रिक के बाद अर्थाभाव के कारण मेरी आगे की पढ़ाई रुक गई थी फिर मैं गायत्री परिवार से सक्रीयता से जुड़ा और 2 साल का समयदान गायत्री तपोभूमि मथुरा में किया।
गुरुदेव की ऐसी कृपा हुई कि मुझे इंजीनियरिंग में प्रवेश मिला और मैं आज टीकमगढ़ के पास बजाज कंपनी की बिजली उत्पादन इकाई में सीनियर मैनेजर के रूप में पदस्थ हूँ और जहाँ पहले मैं आर्थिक रूप से बहुत ही कमजोर था, वही आज मेरे पास सबकुछ है।उन्होंने बतलाया कि शांतिकुंज हरिद्वार से डॉ चिन्मय पंड्या जी का दमोह आगमन 8 नवंबर 2024 को होगा।
इसी अवसर पर दमोह तहसील समन्वय समिति का गठन हुआ।दमोह जिले की दमोह, हटा, तेन्दूखेड़ा, जबेरा, पटेरा और बटियागढ़ की तहसील समन्वय समितियों की पूरी लिस्ट भी श्री कटारे जी की सौंपी गई।
इसी अवसर पर दमोह जिले की 460 ग्राम पंचायतों में मातृ शक्ति अखंडदीप जन्म शताब्दी श्रध्दा संवर्धन उपयात्रा ले जाने वाले भाई बहिनों का सम्मान प्रशस्तिपत्र और फूल माला द्वारा किया गया।
व्यवस्थापक पंकज हर्ष श्रीवास्तव ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी से आव्हान किया कि डॉ चिन्मय पण्ड्याजी की प्रथम दमोह यात्रा पर एक भव्य आयोजन करने के लिये सभी को अभी से अपनी योजना बना लेनी चाहिये जिससे उसी अनुरूप उनकी इस यात्रा को यादगार बनाया जा सके।
इस अवसर पर जिले भर के सक्रिय कार्यकर्ता भाई बहिने उपस्थित थे।
इस अवसर पर पूर्ववर्ती समन्वयक श्री महेश बादल और सहायक उपजोंन समन्वयक दिनेश दुबे भी उपस्थित थे।जिला समन्वयक पी पी गर्ग, अनूप श्रीवास्तव और सुरतलाल अहीरवाल ने तीनों समन्वयकों का स्वागत मालाओं से किया। महेश बादल ने दमोह जिले के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ पर शांतिकुंज से निर्धारित सभी कार्य बहुत कुशल तरीके से किये जाते है।
दिलीप कटारे ने अपने अनुभव सुनाते हुए कहा कि मेट्रिक के बाद अर्थाभाव के कारण मेरी आगे की पढ़ाई रुक गई थी फिर मैं गायत्री परिवार से सक्रीयता से जुड़ा और 2 साल का समयदान गायत्री तपोभूमि मथुरा में किया।
गुरुदेव की ऐसी कृपा हुई कि मुझे इंजीनियरिंग में प्रवेश मिला और मैं आज टीकमगढ़ के पास बजाज कंपनी की बिजली उत्पादन इकाई में सीनियर मैनेजर के रूप में पदस्थ हूँ और जहाँ पहले मैं आर्थिक रूप से बहुत ही कमजोर था, वही आज मेरे पास सबकुछ है।उन्होंने बतलाया कि शांतिकुंज हरिद्वार से डॉ चिन्मय पंड्या जी का दमोह आगमन 8 नवंबर 2024 को होगा।
इसी अवसर पर दमोह तहसील समन्वय समिति का गठन हुआ।दमोह जिले की दमोह, हटा, तेन्दूखेड़ा, जबेरा, पटेरा और बटियागढ़ की तहसील समन्वय समितियों की पूरी लिस्ट भी श्री कटारे जी की सौंपी गई।
इसी अवसर पर दमोह जिले की 460 ग्राम पंचायतों में मातृ शक्ति अखंडदीप जन्म शताब्दी श्रध्दा संवर्धन उपयात्रा ले जाने वाले भाई बहिनों का सम्मान प्रशस्तिपत्र और फूल माला द्वारा किया गया।
व्यवस्थापक पंकज हर्ष श्रीवास्तव ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी से आव्हान किया कि डॉ चिन्मय पण्ड्याजी की प्रथम दमोह यात्रा पर एक भव्य आयोजन करने के लिये सभी को अभी से अपनी योजना बना लेनी चाहिये जिससे उसी अनुरूप उनकी इस यात्रा को यादगार बनाया जा सके।
इस अवसर पर जिले भर के सक्रिय कार्यकर्ता भाई बहिने उपस्थित थे।Tags :
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