: शिक्षक दिवस के अवसर पर मंत्री श्री लोधी बोले शिक्षक कभी पूर्व नहीं होता
admin
Thu, Sep 5, 2024
शिक्षक दिवस के अवसर पर मंत्री श्री लोधी बोले शिक्षक कभी पूर्व नहीं होता
[video width="960" height="540" mp4="https://jankrantiexpress.com/storage/2024/09/km_20240901_540p_30f_20240905_211942.mp4"][/video]
जबेरा विधानसभा के विधायक एवं मध्य प्रदेश शासन में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी जी के द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शासकीय कर्मचारी जनों का जबेरा जनपद सभागार एवं तेंदूखेड़ा जनपद सभागार कक्ष में पुष्पमाला अंग वस्त्र श्रीफल से सम्मान किया।
मंत्री श्री लोधी ने कहा कि आप सभी के आशीर्वाद और स्नेह से मैं निरंतर ही देश समाज और राष्ट्र निर्माण एवं उन्नति के लिए निरंतर ही सेवा भाव के साथ कार्य कर रहा हूं।
निरंतर चार वर्षो से पिताजी की मंसा अनुसार आप सभी का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहा हूं।
क्योंकि मैं एक शिक्षक का पुत्र होने के नाते और उनके संघर्षों को देख मन में शिक्षकों को प्रति मेरा उतना ही सम्मान है जितना एक गुरु के प्रति शिष्य का होना चाहिए।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी से छात्रों ने जब उनका जन्मदिन मनाने की जिद की तो उनका कहना था-'अगर मनाना ही है तो मेरे जन्मदिन की जगह शिक्षक दिवस मनाओ।' ऐसे महान शिक्षक और भारत के पहले उपराष्ट्रपति के जन्मदिन को तब से पूरे भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के एक महान विद्वान, शिक्षक, और राजनेता थे। उन्होंने अपना जीवन शिक्षा के क्षेत्र को समर्पित किया।
निरंतर चार वर्षो से पिताजी की मंसा अनुसार आप सभी का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहा हूं।
क्योंकि मैं एक शिक्षक का पुत्र होने के नाते और उनके संघर्षों को देख मन में शिक्षकों को प्रति मेरा उतना ही सम्मान है जितना एक गुरु के प्रति शिष्य का होना चाहिए।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी से छात्रों ने जब उनका जन्मदिन मनाने की जिद की तो उनका कहना था-'अगर मनाना ही है तो मेरे जन्मदिन की जगह शिक्षक दिवस मनाओ।' ऐसे महान शिक्षक और भारत के पहले उपराष्ट्रपति के जन्मदिन को तब से पूरे भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के एक महान विद्वान, शिक्षक, और राजनेता थे। उन्होंने अपना जीवन शिक्षा के क्षेत्र को समर्पित किया।Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन