: बकस्वाहा में आतिशबाजी विक्रेताओं के लिए सुरक्षित जगह आबंटित, मेला ग्राउंड में सजेंगी दुकानें
admin
Fri, Oct 25, 2024
बकस्वाहा में आतिशबाजी विक्रेताओं के लिए सुरक्षित जगह आबंटित, मेला ग्राउंड में सजेंगी दुकानें
तालाब के पास, थाने के पीछे मेला ग्राउंड में स्थापित होंगी आतिशबाजी की दुकानें
तहसीलदार भरत पांडे, आरआई शिवराज सिंह, सदर पटवारी सत्यपाल रजक, नगर परिषद के झुन्नीलाल दुबे, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि वृजगोपाल सोनी, आलोक खरे, मिथिलेश तिवारी और अरविंद माली की देखरेख में इस स्थल का चयन किया गया। टीम ने स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि वह सुरक्षा मानकों के अनुकूल हो। अधिकारियों ने पाया कि यह जगह न केवल पर्याप्त रूप से सुरक्षित है, बल्कि यहाँ भीड़-भाड़ वाले इलाके से भी दूरी बनाए रखी गई है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सहायक होगी।
लाइसेंस अनिवार्यता और नियमों का पालन
प्रशासन ने सभी आतिशबाजी विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने लाइसेंस की प्रतियां नगर परिषद के झुन्नीलाल दुबे के पास जमा करें। इसके बिना उन्हें मेला ग्राउंड में दुकान स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि हर विक्रेता का व्यवसाय कानूनी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।
झुन्नीलाल दुबे ने बताया कि लाइसेंसों की जाँच के बाद ही विक्रेताओं को निर्धारित स्थान पर अपनी दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सभी विक्रेताओं की सत्यता और उनकी गतिविधियों का निरीक्षण करना है।
सुरक्षा के विशेष निर्देश और विक्रेताओं से अपील
तहसीलदार भरत पांडे ने कहा, "सुरक्षा की दृष्टि से आतिशबाजी का संग्रह आबादी से दूर किया जाना अनिवार्य है।" उन्होंने सभी विक्रेताओं से आग्रह किया कि वे प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करें और आतिशबाजी के संग्रहण और बिक्री में सावधानी बरतें। पटाखों को ऐसे स्थान पर संग्रहित करना आवश्यक है जहाँ वह आबादी से दूर हों और किसी भी तरह की असावधानी से आग लगने की संभावना कम हो।
तहसीलदार ने कहा कि नगर की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और इस व्यवस्था के तहत आतिशबाजी की दुकानें लगने से नगरवासी बिना किसी चिंता के त्यौहार का आनंद ले सकेंगे। साथ ही, प्रशासन ने विक्रेताओं से सहयोग की अपील की है ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से कार्य कर सके। विक्रेताओं से कहा गया है कि वे अपने स्टॉल और सामान की उचित व्यवस्था करें और किसी भी स्थिति में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन न करें।
नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि वृजगोपाल सोनी ने कहा की प्रशासन का यह कदम आतिशबाजी के दौरान होने वाले हादसों को रोकने में मददगार साबित होगा। उन्होने नगरवासी को आश्वस्त हैं कि इस तरह की योजनाबद्ध व्यवस्था से न केवल नगर में शांति बनी रहेगी, बल्कि सभी लोग सुरक्षित रूप से अपने त्योहार का जश्न मना सकेंगे।
रिपोर्टर: विनोद कुमार जैन, बकस्वाहा
बकस्वाहा: दीपावली और अन्य त्यौहारों के दौरान आतिशबाजी से जुड़ी संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बकस्वाहा प्रशासन ने आतिशबाजी विक्रेताओं के लिए विशेष रूप से सुरक्षित स्थान आबंटित किया है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशानुसार, आबादी से दूर, तालाब के पास, थाने के पीछे स्थित वार्षिक मेला ग्राउंड को आतिशबाजी विक्रेताओं के लिए चयनित किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि ये विक्रेता सुरक्षित स्थान पर अपनी गतिविधियाँ संचालित करें ताकि नगरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
तहसीलदार भरत पांडे, आरआई शिवराज सिंह, सदर पटवारी सत्यपाल रजक, नगर परिषद के झुन्नीलाल दुबे, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि वृजगोपाल सोनी, आलोक खरे, मिथिलेश तिवारी और अरविंद माली की देखरेख में इस स्थल का चयन किया गया। टीम ने स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि वह सुरक्षा मानकों के अनुकूल हो। अधिकारियों ने पाया कि यह जगह न केवल पर्याप्त रूप से सुरक्षित है, बल्कि यहाँ भीड़-भाड़ वाले इलाके से भी दूरी बनाए रखी गई है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सहायक होगी।
लाइसेंस अनिवार्यता और नियमों का पालन
प्रशासन ने सभी आतिशबाजी विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने लाइसेंस की प्रतियां नगर परिषद के झुन्नीलाल दुबे के पास जमा करें। इसके बिना उन्हें मेला ग्राउंड में दुकान स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि हर विक्रेता का व्यवसाय कानूनी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।
झुन्नीलाल दुबे ने बताया कि लाइसेंसों की जाँच के बाद ही विक्रेताओं को निर्धारित स्थान पर अपनी दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सभी विक्रेताओं की सत्यता और उनकी गतिविधियों का निरीक्षण करना है।
सुरक्षा के विशेष निर्देश और विक्रेताओं से अपील
तहसीलदार भरत पांडे ने कहा, "सुरक्षा की दृष्टि से आतिशबाजी का संग्रह आबादी से दूर किया जाना अनिवार्य है।" उन्होंने सभी विक्रेताओं से आग्रह किया कि वे प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करें और आतिशबाजी के संग्रहण और बिक्री में सावधानी बरतें। पटाखों को ऐसे स्थान पर संग्रहित करना आवश्यक है जहाँ वह आबादी से दूर हों और किसी भी तरह की असावधानी से आग लगने की संभावना कम हो।
तहसीलदार ने कहा कि नगर की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और इस व्यवस्था के तहत आतिशबाजी की दुकानें लगने से नगरवासी बिना किसी चिंता के त्यौहार का आनंद ले सकेंगे। साथ ही, प्रशासन ने विक्रेताओं से सहयोग की अपील की है ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से कार्य कर सके। विक्रेताओं से कहा गया है कि वे अपने स्टॉल और सामान की उचित व्यवस्था करें और किसी भी स्थिति में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन न करें।
नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि वृजगोपाल सोनी ने कहा की प्रशासन का यह कदम आतिशबाजी के दौरान होने वाले हादसों को रोकने में मददगार साबित होगा। उन्होने नगरवासी को आश्वस्त हैं कि इस तरह की योजनाबद्ध व्यवस्था से न केवल नगर में शांति बनी रहेगी, बल्कि सभी लोग सुरक्षित रूप से अपने त्योहार का जश्न मना सकेंगे।Tags :
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