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: सोलह वर्षीय आदिवासी किशोरी की मौत: लापरवाही के बाद हाईवे पर आधा घंटे जाम

admin

Sat, Nov 16, 2024

सोलह वर्षीय आदिवासी किशोरी की मौत: लापरवाही के बाद हाईवे पर आधा घंटे जा

  बक्सवाहा: सुनवाहा निवासी 16 वर्षीय जानकी आदिवासी की इलाज के दौरान हुई मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर कर दिया। मामले में अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए परिजनों और जयस संगठन ने प्रदर्शन किया। घटना का क्रमवार विवरण:   1. शुक्रवार , सुबह 11 बजे: जानकी आदिवासी को उल्टी-दस्त और पेट फूलने की शिकायत के बाद सुनवाहा से बक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।     2. दोपहर 1 बजे: प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जानकी की हालत गंभीर बताते हुए दमोह जिला अस्पताल रेफर कर दिया।   3. दोपहर 1 से शाम 7 बजे: एम्बुलेंस के लिए छह घंटे तक इंतजार किया गया। परिजनों ने बार-बार अस्पताल प्रबंधन से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।     4. शाम 7 बजे: एम्बुलेंस पहुंचने से पहले ही जानकी ने दम तोड़ दिया। शव को स्वास्थ्य केंद्र के फ्रीजर में रखवाया गया।     5. शनिवार सुबह: जयस संगठन के कार्यकर्ता और परिजन बक्सवाहा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने नर्स शैलजा अवस्थी पर दुर्व्यवहार और इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए। दोषियों पर कार्रवाई की मांग शुरू हो गई।     6. सुबह 11:50 बजे: आक्रोशित परिजनों ने शव को स्वास्थ्य केंद्र से उठाकर बक्सवाहा बस स्टैंड तिराहे पर रख दिया। कुछ ही देर में भीड़ इकट्ठा हो गई, जिससे हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई।   7. पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई:   तहसीलदार भरत पांडे: घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।   नगर निरीक्षक कृपाल सिंह मार्को: छुट्टी पर होने और भोपाल में पत्नी का इलाज कराने के बावजूद उन्होंने फोन के माध्यम से पूरे मामले को संभाला।   नैनागिर चौकी प्रभारी कदर खान और बम्होरी चौकी प्रभारी: दोनों ने परिजनों और जयस कार्यकर्ताओं को शांत कराने में अहम भूमिका निभाई।     8. आधा घंटे बाद: प्रशासन की समझाइश के बाद परिजन शव को सुनवाहा ले जाने के लिए राजी हुए। जाम हटाया गया, और स्थिति सामान्य हो गई।     9. प्रशासनिक जांच और निरीक्षण:   शनिवार शाम 4 बजे अनुविभागीय अधिकारी विजय दुवेदी और जिला चिकित्सा अधिकारी आर.पी. गुप्ता की संयुक्त टीम बक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। उन्होंने परिजनों के बयान दर्ज किए और एम्बुलेंस व्यवस्था की जानकारी ली। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण भी किया गया।   जिला चिकित्सा अधिकारी आर.पी. गुप्ता ने कहा, “हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार का बयान:   तहसीलदार भरत पांडे ने कहा, "नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति न बनने दी गई। मामले की पूरी जांच होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"   पुलिस प्रशासन का समन्वय:   नगर निरीक्षक कृपाल सिंह मार्को ने भोपाल से फोन के माध्यम से मोर्चा संभाला। स्थानीय चौकी प्रभारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।   स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का दर्दनाक परिणाम:   जानकी की मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को उजागर किया है। समय पर इलाज और एम्बुलेंस मिलती, तो जान बचाई जा सकती थी। परिजनों और ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।   ---   (संवाददाता: विनोद कुमार जैन, बक्सवाहा)

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