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: बकस्वाहा में पुलिस की नाकामी से अपराधियों का आतंक: अवैध कारोबार का खुला खेल

admin

Wed, Jan 8, 2025
  बकस्वाहा में पुलिस की नाकामी से अपराधियों का आतंक: अवैध कारोबार का खुला खेल बकस्वाहा, छतरपुर: बकस्वाहा थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की नाकामी और उदासीनता के कारण हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। ठंड के मौसम में चोरी और अपराधों का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा, बल्कि इसमें और इजाफा हो रहा है। चोरी की घटनाएं अब आम बात हो गई हैं, जहां अपराधी न केवल वाहनों, घरों और मंदिरों को अपना शिकार बना रहे हैं, बल्कि हाल ही में महाकाली मंदिर में हुई चोरी और जैन समुदाय के रथ से कलश चोरी की घटना ने क्षेत्रवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब किसी भी स्थान पर चोरी करने से नहीं कतराते। अवैध कारोबारों की स्थिति भी और खराब हो चुकी है। अवैध शराब, गांजा, जुआ और सट्टा खुलेआम चल रहे हैं, और इस पर न तो पुलिस का कोई नियंत्रण है और न ही कोई कार्रवाई होती दिख रही है। इन अपराधों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें बच्चे खुलेआम जुआ खेलते नजर आ रहे हैं। पुलिस का डर पूरी तरह से खत्म हो चुका है और अपराधी अब अपनी गतिविधियों को बेखौफ होकर अंजाम दे रहे हैं। बकस्वाहा के लगभग 70 गांवों की 75,000 से अधिक की आबादी खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। जब बकस्वाहा मुख्यालय पर इस तरह के अपराध और अवैध कारोबार बढ़ रहे हैं, तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों की हालत क्या होगी, यह सोचने का विषय है। बम्हौरी और नैनागिर पुलिस चौकियों की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। यहां भी अपराधियों का बोलबाला है और पुलिस बिना किसी कार्रवाई के अपना समय गंवा रही है। मडदेवरा क्षेत्र में तो अपराधियों का मनोबल और भी बढ़ चुका है। यहां दिनदहाड़े हत्या की कोशिशें, लूट और हिंसक वारदातें हो रही हैं, और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती। हाल ही में एक शख्स ने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण उसका भतीजा अपराधियों के हमले का शिकार हो गया। अगर पुलिस समय पर एक्शन लेती, तो शायद यह घटना टल सकती थी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस का ध्यान केवल शहरी इलाकों पर ही रहता है, जबकि ग्रामीण इलाकों में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि पुलिस प्रशासन कब तक इन अपराधियों पर लगाम लगाएगा, या फिर यहां कोई बड़ी घटना घटित होने का इंतजार किया जाएगा? यह साफ नजर आ रहा है कि अगर पुलिस प्रशासन ने इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो बकस्वाहा में अपराधों और अवैध कारोबारों का विस्तार और खतरनाक रूप ले सकता है। बकस्वाहा के नागरिक अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस इस गंभीर स्थिति को गंभीरता से ले और इसे नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल कदम उठाए। एसडीओपी बड़ामलहरा, रोहित अलावा का कहना है कि पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है, और जो भी जानकारी हमें मिलती है, उस पर कार्यवाही की जाती है। हालांकि, यह सवाल उठता है कि क्या इस 'मुस्तैदी' का प्रभाव जनता पर महसूस हो रहा है?

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