: **ग्राम पंचायत वीरमपुरा के हिरदेपूर गांव मे सड़क की समस्या से ग्रामीणों परेशान**
admin
Thu, Aug 22, 2024
**ग्राम पंचायत वीरमपुरा के हिरदेपूर गांव मे सड़क की समस्या से ग्रामीणों परेशान**
*ग्रामीणों ने पंचायत, शासन और प्रशासन पर आदिवासियों के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया*
विनोद कुमार जैन
**वकस्वाहा (छतरपुर)** – छतरपुर जिले के जनपद पंचायत वकस्वाहा के तहत ग्राम पंचायत वीरमपुरा के गांव हिरदेपूर की सड़क की दयनीय स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और शासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गांववासियों का कहना है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा और आदिवासी समुदाय की कठिनाइयों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत वीरमपुरा में कुल सात गांव – वीरमपुरा, तिलई, कसेरा, जगारा, हिरदेपूर, हरदुआ, और डुगासरा + पठा – शामिल हैं, जिनकी कुल आबादी 3107 है। इनमें से हिरदेपूर, हरदुआ, और डुगासरा + पठा पूरी तरह से आदिवासी गांव हैं। हिरदेपूर की आबादी 213 है, जिसमें 102 महिलाएं और 111 पुरुष शामिल हैं।
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हिरदेपूर गांव की सड़क की स्थिति बेहद खराब है। तिलई गांव से हिरदेपूर तक की लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क में से डेढ़ किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुका है। बरसात के दौरान यह सड़क दलदल में बदल जाती है, जिससे ग्रामीणों को अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
गांव के निवासी मदन बारेला, चितर सिंह बारेला, गुरुजी बारेला, और सुरमाल बारेला ने बताया कि आदिवासी और वन ग्राम होने के कारण, बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि वाहन और मोटरसाइकिल चलाना तो दूर, पैदल चलना भी कठिन हो जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी प्रभावित होती है। एंबुलेंस का गांव में पहुंचना मुश्किल हो जाता है, और मरीजों को कंधों पर उठाकर वकस्वाहा ले जाना पड़ता है।
गांव के जतला बारेला और हीरालाल बारेला का कहना है कि महिलाओं की डिलेवरी और बच्चों की पढ़ाई के लिए वकस्वाहा जाने में भी बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। महिला निवासी पनबाई, नानीबाई, रेखा, सुरती, और सकी बाई ने भी सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजमर्रा के कार्यों के लिए वकस्वाहा और अन्य गांवों में जाने में समस्याओं का उल्लेख किया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चुनाव के समय नेताओं द्वारा सड़क मरम्मत के आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद ये आश्वासन कभी पूरे नहीं होते। राम सिंह बारेला और रंगलाल बारेला का कहना है कि उन्होंने कई बार सड़क मरम्मत के लिए आवेदन दिए हैं, लेकिन उनकी शिकायतें हमेशा अनसुनी कर दी जाती हैं।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए पंचायत सचिव कमलेश बिल्थरे ने बताया कि हिरदेपूर के लिए बारहमासी सड़क की योजना पहले से है, लेकिन गांव का वन ग्राम होना विकास कार्यों में बाधा डालता है। सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि वन विभाग की है, और वन विभाग अपनी जमीन पर कोई कार्य करने की अनुमति नहीं देता। इसके बावजूद, ग्राम पंचायत लगातार प्रयासरत है और अधिकारियों से संपर्क कर इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रही है।
ग्रामीणों ने अब प्रशासन से अपेक्षा की है कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा, ताकि गांव की सड़क की स्थिति में सुधार हो सके और उनका जीवन सुगम बन सके।
ग्राम पंचायत वीरमपुरा में कुल सात गांव – वीरमपुरा, तिलई, कसेरा, जगारा, हिरदेपूर, हरदुआ, और डुगासरा + पठा – शामिल हैं, जिनकी कुल आबादी 3107 है। इनमें से हिरदेपूर, हरदुआ, और डुगासरा + पठा पूरी तरह से आदिवासी गांव हैं। हिरदेपूर की आबादी 213 है, जिसमें 102 महिलाएं और 111 पुरुष शामिल हैं।
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हिरदेपूर गांव की सड़क की स्थिति बेहद खराब है। तिलई गांव से हिरदेपूर तक की लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क में से डेढ़ किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुका है। बरसात के दौरान यह सड़क दलदल में बदल जाती है, जिससे ग्रामीणों को अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
गांव के निवासी मदन बारेला, चितर सिंह बारेला, गुरुजी बारेला, और सुरमाल बारेला ने बताया कि आदिवासी और वन ग्राम होने के कारण, बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि वाहन और मोटरसाइकिल चलाना तो दूर, पैदल चलना भी कठिन हो जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी प्रभावित होती है। एंबुलेंस का गांव में पहुंचना मुश्किल हो जाता है, और मरीजों को कंधों पर उठाकर वकस्वाहा ले जाना पड़ता है।
गांव के जतला बारेला और हीरालाल बारेला का कहना है कि महिलाओं की डिलेवरी और बच्चों की पढ़ाई के लिए वकस्वाहा जाने में भी बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। महिला निवासी पनबाई, नानीबाई, रेखा, सुरती, और सकी बाई ने भी सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजमर्रा के कार्यों के लिए वकस्वाहा और अन्य गांवों में जाने में समस्याओं का उल्लेख किया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चुनाव के समय नेताओं द्वारा सड़क मरम्मत के आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद ये आश्वासन कभी पूरे नहीं होते। राम सिंह बारेला और रंगलाल बारेला का कहना है कि उन्होंने कई बार सड़क मरम्मत के लिए आवेदन दिए हैं, लेकिन उनकी शिकायतें हमेशा अनसुनी कर दी जाती हैं।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए पंचायत सचिव कमलेश बिल्थरे ने बताया कि हिरदेपूर के लिए बारहमासी सड़क की योजना पहले से है, लेकिन गांव का वन ग्राम होना विकास कार्यों में बाधा डालता है। सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि वन विभाग की है, और वन विभाग अपनी जमीन पर कोई कार्य करने की अनुमति नहीं देता। इसके बावजूद, ग्राम पंचायत लगातार प्रयासरत है और अधिकारियों से संपर्क कर इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रही है।
ग्रामीणों ने अब प्रशासन से अपेक्षा की है कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा, ताकि गांव की सड़क की स्थिति में सुधार हो सके और उनका जीवन सुगम बन सके।Tags :
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