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: जहां सुरक्षा हो, पानी का प्रबंध हो तो पत्थर पर भी पौधा हो सकता है

admin

Tue, Nov 5, 2024
  • जहां पर घेरा बंदी ना हो और पानी का प्रबंध ना हो, वहां पर
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  • वृक्ष ना लगाये जायें-पंचायत मंत्री श्री पटेल

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  • जहां सुरक्षा हो, पानी का प्रबंध हो तो पत्थर पर भी पौधा हो सकता है

  दमोह : 03 नवम्बर 2024               प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने जिले के विकासखण्ड बटियागढ़ के ग्राम मगरौन के समीप स्थित जरारूधाम गौ-अभ्यारण का भ्रमण किया और विगत वर्षो में लगाये गये पौधों का जायजा लिया। उन्होंने भ्रमण के दौरान पौधों के विकसित रूप को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा आगे आने वाले समय में एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निश्चित किया गया है।             पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंश्री श्री पटेल ने कहा मैं जब ग्रामीण विकास मंत्री बना तो मैंने पिछले तीन वर्ष के जब वृक्षारोपण के आंकड़े देखे थे तो वो आंकड़े मन को दुखी करने वाले थे, तब मैंने तय किया कि जहाँ पर घेरा बंदी न हो और पानी का प्रबंध ना हो, वहाँ पर वृक्ष न लगाए जायें। इस बार उसका प्रयोग हुआ तो उसका एक प्रयोग जरारूधाम अभयारण्य में हुआ। उन्होंने कहा मेरी मान्यता है की 5 हजार या 10 हजार पौधे एक जगह लगाये जाए, जहां जलस्रोत हो या किसी नदी के किनारा हो, जलस्रोत को मजबूती दी जाये। लेकिन जो पौधे लगें वे सुरक्षित रहे।               उन्होंने कहा जहाँ हम खड़े हैं 10 हजार पौधे हैं, जो जनपद बटियागढ़ का एक मात्र वृक्षारोपण है, जो जरारूधाम में हुआ है। ड्रिप का काम नर्मदा खंड सेवा संस्थान गौ-अभ्यारण जरारूधाम का संचालन करता है, उसने किया है, क्योंकि हमने पत्थरों पर जो वृक्ष उगाये हैं, यह 10 हजार इस बार का वृक्षारोपण है, जो सब सामने हरियाली देख रहे है, यह पिछले 2 साल के है। उसके पहले और जाएंगे 3 साल का, तो पत्थर पर वृक्ष दिखेंगे। उन्होंने कहा सबसे पहला वृक्षारोपण जिसने हम लोगों को संबल दिया वो एक दम सामने है, इसमें 4 साल में हमने कटहल का फल खाया, किसान होने के नाते मैं जानता हूँ कि ऐसा संभव नहीं है, लेकिन गौ-माता की समाधि और उसके ऊपर वृक्ष लगा देना यह प्रयोग भी बहुत सफल हुआ है।             पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने कहा मैं मानता हूँ की जहाँ सुरक्षा हो, पानी का प्रबंध हो तो पत्थर पर भी पौधा हो सकता है, वृक्ष बन सकता है जिसका प्रमाण है, जिन वृक्षों के बीच में हम खड़े है, इस वर्ष का वृक्षारोपण है, सरकार भी 3 साल की गारंटी देती है, तो 3 साल ड्रिप लगाकर हम इसकी सुरक्षा करेंगे, जो पौधा सूखेगा, जो दो वर्ष पुराना होगा, तो दो वर्ष पुराना पौधा उसमें लगाकर उसको वृक्ष बनने का रास्ता तय करेंगे। मुझे लगता है की कुछ साल बाद यह बेहतरीन उद्यान होगा, ऐसा मेरा विश्वास है

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