: विश्व स्तनपान सप्ताह: हमारी जिम्मेदारी आपकी साझेदारी
admin
Sat, Aug 3, 2024
विश्व स्तनपान सप्ताह: हमारी जिम्मेदारी आपकी साझेदारी
ग्राम खिरिया खुर्द में विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन
पूरे विश्व में 1 अगस्त से 7 अगस्त तक प्रतिवर्ष विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया जाता है। इस सप्ताह के दौरान स्तनपान से जुड़ी जानकारियों को लेकर सामूहिक बैठकों, चौपालों एवं सहभागिता कार्यक्रमों का आयोजन होता है।
इसी क्रम में ग्राम खिरिया खुर्द, पंचायत नैनागिर, ब्लॉक बक्सवाहा, जिला छतरपुर में पर्यवेक्षक ऋतु जैन के द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह के मंच के माध्यम से स्तनपान सप्ताह से जुड़ी जानकारी तथा संदेश से लोगों को अवगत कराया गया।
पर्यवेक्षक ऋतु जैन ने बताया कि मां का पहला गाढ़ा दूध बच्चे के लिए अमृत समान है। इसलिए जैसे ही बच्चे का जन्म हो, तत्काल बच्चे को मां का पहला गाढ़ा दूध पिलवाएं और लगातार 6 माह तक सिर्फ और सिर्फ मां का दूध ही बच्चे को पिलवाएं। 6 माह के पश्चात अन्नप्राशन संस्कार के बाद ही बच्चे को अन्य खाद्य पदार्थ देने की सलाह दी जाती है, साथ ही स्तनपान भी निरंतर जारी रखना चाहिए।
पर्यवेक्षक ऋतु जैन ने स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों और रूढ़ियों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि स्तनपान न कराने से बच्चे और मां दोनों को नुकसान होता है। माताओं को स्तनपान न कराने के नुकसान से अवगत कराते हुए उन्होंने बताया कि जैसे ही कोई महिला गर्भ धारण करती है, उसे जितना जल्द हो सके आंगनबाड़ी में जाकर अपना पंजीयन कराना चाहिए और सभी प्रारंभिक जांचें करवानी चाहिए ताकि समय रहते किसी भी शारीरिक कमी को दूर किया जा सके और दवाइयों से उपचार किया जा सके।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत की सरपंच पूजा ठाकुर, जनपद सदस्य बहादुर सिंह, पंच सीमा यादव, पंच लक्ष्मी अहिरवार, शिक्षिका प्रीति लोधी, शिक्षक रीतेश पाठक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गजरा जैन और सहायिका पूजा अहिरवार उपस्थित थे।
इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्तनपान के महत्व और इससे जुड़े फायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। स्तनपान से जुड़ी जानकारियों को साझा कर और भ्रांतियों को दूर कर, यह कार्यक्रम मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इसी क्रम में ग्राम खिरिया खुर्द, पंचायत नैनागिर, ब्लॉक बक्सवाहा, जिला छतरपुर में पर्यवेक्षक ऋतु जैन के द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह के मंच के माध्यम से स्तनपान सप्ताह से जुड़ी जानकारी तथा संदेश से लोगों को अवगत कराया गया।
पर्यवेक्षक ऋतु जैन ने बताया कि मां का पहला गाढ़ा दूध बच्चे के लिए अमृत समान है। इसलिए जैसे ही बच्चे का जन्म हो, तत्काल बच्चे को मां का पहला गाढ़ा दूध पिलवाएं और लगातार 6 माह तक सिर्फ और सिर्फ मां का दूध ही बच्चे को पिलवाएं। 6 माह के पश्चात अन्नप्राशन संस्कार के बाद ही बच्चे को अन्य खाद्य पदार्थ देने की सलाह दी जाती है, साथ ही स्तनपान भी निरंतर जारी रखना चाहिए।
पर्यवेक्षक ऋतु जैन ने स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों और रूढ़ियों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि स्तनपान न कराने से बच्चे और मां दोनों को नुकसान होता है। माताओं को स्तनपान न कराने के नुकसान से अवगत कराते हुए उन्होंने बताया कि जैसे ही कोई महिला गर्भ धारण करती है, उसे जितना जल्द हो सके आंगनबाड़ी में जाकर अपना पंजीयन कराना चाहिए और सभी प्रारंभिक जांचें करवानी चाहिए ताकि समय रहते किसी भी शारीरिक कमी को दूर किया जा सके और दवाइयों से उपचार किया जा सके।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत की सरपंच पूजा ठाकुर, जनपद सदस्य बहादुर सिंह, पंच सीमा यादव, पंच लक्ष्मी अहिरवार, शिक्षिका प्रीति लोधी, शिक्षक रीतेश पाठक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गजरा जैन और सहायिका पूजा अहिरवार उपस्थित थे।
इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्तनपान के महत्व और इससे जुड़े फायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। स्तनपान से जुड़ी जानकारियों को साझा कर और भ्रांतियों को दूर कर, यह कार्यक्रम मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।Tags :
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