: मछली पकड़ने गए दो युवक नदी में फसे, 24 घंटे तक पेड़ पर चढ़कर बचाई जान, एसडीआरएफ टीम ने किया रेस्क्यू
Mon, Aug 5, 2024
रिपोर्ट विनोद उदेनिया
मछली पकड़ने गए दो युवक नदी में फसे, 24 घंटे तक पेड़ पर चढ़कर बचाई जान, एसडीआरएफ टीम ने किया रेस्क्यू
बटियागढ़ । दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत केरबना गांव में दो युवक नदी में फंस गए। और 24 घंटे तक पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। एसडीआरएफ की टीम ने सोमवार सुबह इन्हे नदी से बाहर निकाला।जानकारी के अनुसार केरबना गांव निवासी सुनील पादरी और संजय पादरी 35 रविवार सुबह सात बजे बेबस नदी में मछली मारने गए थे। शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण बेबस नदी में बाड़ आ गई। और यह दोनों युवक उसमें फंस गए।
स्थानीय लोगों ने युवकों को नदी में फंसा हुआ देखा। तो तत्काल ही बटियागढ़ पुलिस, जिला प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट हर्ष कुमार जैन एसडीआरएफ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं पथरिया एसडीएम निकेत चौरसिया, बटियागढ़ तहसीलदार राबिन जैन एवं राजस्व कर्मियों सहित मौके पर पहुंचे। रेशक्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। यह दोनों युवक के पानी में तैरते हुए एक पेड़ पर जाकर चढ़ गए और वहीं पर बैठे रहे। एसडीआरएफ की टीम लगातार प्रयास करती रही, लेकिन नदी का बहाव काफी तेज था पेड़ पर बैठे युवकों के पास पहुंचना मुश्किल हो रहा था। अंधेरा होने तक नदी का बहाव कम नहीं हुआ और रात में रेस्क्यू ऑपरेशन बंद करना पड़ा। लेकिन पथरिया एसडीएम, बटियागढ़ तहसीलदार, होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के साथ केरबना पुलिस और एसडीआरएफ के सभी लोग रात में मौके पर मौजूद रहे। ताकि इन दोनों युवकों पर नजर रखी जा सके। रात में पगरा डैम के गेट बंद किए गए। ताकि नदी के उफान को कम किया जा सके। रात में बारिश कम होने के कारण नदी का बहाव भी कम हो गया। इसके साथ ही जिला प्रशासन के द्वारा हेलीकॉप्टर बुलाने की भी तैयारी की जा रही थी। सुबह 5 बजे एसडीआरएफ की टीम के द्वारा पुनः रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। और दोनों युवकों को पेड़ से नीचे उतार कर सुरक्षित नदी से बाहर निकाला गया। हेलीकॉप्टर के आने के पहले ही टीम ने इन दोनों लोगों की जान बचा ली। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारी वापस रवाना हुए। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में होमगार्डप्लाटून कमांडर योगेश विश्वकर्मा, हवलदार शैलेंद्र के साथ एसडीआरएफ टीम के सदस्यों का सहयोग रहा।
: *12 जिलों में रेड अलर्ट, 23 जिले ऑरेज अलर्ट पर*
Sat, Aug 3, 2024
*12 जिलों में रेड अलर्ट, 23 जिले ऑरेज अलर्ट पर*
*भोपाल,सीहोर हरदा में आज भी स्कूलों में अवकाश*
*भोपाल*. मध्प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 12 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि 23 जिलों में भी तेज बारिश का अनुमान जताया है. इधर बारिश की चेतावनी को देखते हुए भोपाल,सीहोर हरदा जिले में आज स्कूल में अवकाश घोषित किया गया है.
मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ, लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से एमपी में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव है. शुक्रवार को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हुई, जिसकी वजह से कोलार, तवा, बरगी सहित 9 बड़े डैम के गेट खोले गए. इधर मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 12 जिलों को रेड अलर्ट पर रखा है, *इन जिलों में रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनुपपूर, श्योपुर, और शिवपुरी शामिल हैं*.
23 जिले ऑरेंज अलर्ट पर
मौसम विभाग ने प्रदेश के 23 जिलों में को ऑरेंज अलर्ट पर रखा है. इन जिलों में भी तेज बारिश होगी. इन जिलों में शाजापुर, भोपाल, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, विदिशा, खंडवा, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, रतलाम, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, मैहर और सीधी जिले शामिल हैं.
9 डैमों के खोले गेट
शुक्रवार को हुई तेज बारिश की वजह से प्रदेश के 9 बड़े डैमों के गेट खोले गए. इन डैमों में भदभदा डैम के 5 गेट, कलियासोत डैम के 13, कोलार डैम के 4, नर्मदापुरम तवा डैम के 9 गेट, अशोकनगर राजघाट के 8 गेट, जबलपुर में बरगी के 7, रायसेन के बारदा डैम के 6, विदिशा में हलाली डैम के 2 और छिंदवाड़ा में माचागोरा डैम के 4 गेट खोलकर पानी निकाला गया.
: विश्व स्तनपान सप्ताह: हमारी जिम्मेदारी आपकी साझेदारी
Sat, Aug 3, 2024
विश्व स्तनपान सप्ताह: हमारी जिम्मेदारी आपकी साझेदारी
ग्राम खिरिया खुर्द में विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन
पूरे विश्व में 1 अगस्त से 7 अगस्त तक प्रतिवर्ष विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया जाता है। इस सप्ताह के दौरान स्तनपान से जुड़ी जानकारियों को लेकर सामूहिक बैठकों, चौपालों एवं सहभागिता कार्यक्रमों का आयोजन होता है।
इसी क्रम में ग्राम खिरिया खुर्द, पंचायत नैनागिर, ब्लॉक बक्सवाहा, जिला छतरपुर में पर्यवेक्षक ऋतु जैन के द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह के मंच के माध्यम से स्तनपान सप्ताह से जुड़ी जानकारी तथा संदेश से लोगों को अवगत कराया गया।पर्यवेक्षक ऋतु जैन ने बताया कि मां का पहला गाढ़ा दूध बच्चे के लिए अमृत समान है। इसलिए जैसे ही बच्चे का जन्म हो, तत्काल बच्चे को मां का पहला गाढ़ा दूध पिलवाएं और लगातार 6 माह तक सिर्फ और सिर्फ मां का दूध ही बच्चे को पिलवाएं। 6 माह के पश्चात अन्नप्राशन संस्कार के बाद ही बच्चे को अन्य खाद्य पदार्थ देने की सलाह दी जाती है, साथ ही स्तनपान भी निरंतर जारी रखना चाहिए।पर्यवेक्षक ऋतु जैन ने स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों और रूढ़ियों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि स्तनपान न कराने से बच्चे और मां दोनों को नुकसान होता है। माताओं को स्तनपान न कराने के नुकसान से अवगत कराते हुए उन्होंने बताया कि जैसे ही कोई महिला गर्भ धारण करती है, उसे जितना जल्द हो सके आंगनबाड़ी में जाकर अपना पंजीयन कराना चाहिए और सभी प्रारंभिक जांचें करवानी चाहिए ताकि समय रहते किसी भी शारीरिक कमी को दूर किया जा सके और दवाइयों से उपचार किया जा सके।इस अवसर पर ग्राम पंचायत की सरपंच पूजा ठाकुर, जनपद सदस्य बहादुर सिंह, पंच सीमा यादव, पंच लक्ष्मी अहिरवार, शिक्षिका प्रीति लोधी, शिक्षक रीतेश पाठक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गजरा जैन और सहायिका पूजा अहिरवार उपस्थित थे।इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्तनपान के महत्व और इससे जुड़े फायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। स्तनपान से जुड़ी जानकारियों को साझा कर और भ्रांतियों को दूर कर, यह कार्यक्रम मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।