: दूसरी पारी में 111 रन बनाकर आयरन 11 रही विजेता
Thu, Jan 9, 2025
दूसरी पारी में 111 रन बनाकर आयरन 11 रही विजेता
दमोह। बुदेलखंड एन.पी.के. तत्वधान में क्रीड़ा भारतीय के सहयोग से पूर्व प्रधानमंत्री पं. अटल बिहारी बाजपेयी जी की स्मृति में स्व.नर्मदा प्रसाद करोसिया जी याद में राज्य स्तर क्रिकेट प्रतियोगिता में जो दिनाक 5 जनवरी से प्रारंभ हुआ था जहां गुरूवार को 11 आयरन एवं एमपी 34 के मध्य खेला गया जिसमें एमपी 34 में 110 रन का लक्ष्य रखा दूसरी पारी में आयरन 11 ने 111 बनाकर विजेता रही। जिसके अतिथि पंडित श्याम दवे रमाकांत मिश्रा आरती शर्मा संजीव घोसला जी दिलीप चौरसिया जी आयोजक मंडल श्री कमल कुमार करोसिया जी मयंक वाधवा आशीष शर्मा रमाकांत मिश्रा शकील अहमद आकाश चमन रोहित यशपाल करो यशपाल क्रोशिया पर आज क्रोशिया आदि की उपस्थिति रही संचालन अंडरस्टैंड के द्वारा किया गया एवं आभार आयोजन समिति द्वारा किया गया कार्यक्रम की संयोजक अमित बजाज गोलू सह संयोजक श्याम दुबे आयोजित मंडल कमल कुमार करोसिया की उपस्थिति रहीं।
: भारतीय सफाई मजदूर संघ ने नगरीय प्रशासन मंत्री को 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
Thu, Jan 9, 2025
भारतीय सफाई मजदूर संघ ने नगरीय प्रशासन मंत्री को 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
दमोह। भारतीय सफाई मजदूर संघ के प्रदेश संयुक्त महामंत्री चंकी प्रभात कछवाहा ने बल्लभ भवन भोपाल पहुंचकर नगरीय प्रशासन विभाग मंत्री जी से मुलाकात की एवं सफाई कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया एवं साथ ही 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। जिसमे मस्टर कर्मचारियों का विनियमितकरण, संविदा कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धी, स्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण शासन द्वारा भेजी जाने वाली चुंगी छति की राशि एवं अन्य मांगों के संबंध में माननीय मंत्री जी ने जल्द से जल्द समस्याओ के निराकरण हेतु आश्वासन दिया। समस्त भारतीय सफाई मजदूर संघ के पदाधिकारियों कि तरफ से प्रदेश संयुक्त महामंत्री जी को बहुत बहुत हार्दिक बधाई।
: बकस्वाहा में पुलिस की नाकामी से अपराधियों का आतंक: अवैध कारोबार का खुला खेल
Wed, Jan 8, 2025
बकस्वाहा में पुलिस की नाकामी से अपराधियों का आतंक: अवैध कारोबार का खुला खेल
बकस्वाहा, छतरपुर: बकस्वाहा थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की नाकामी और उदासीनता के कारण हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। ठंड के मौसम में चोरी और अपराधों का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा, बल्कि इसमें और इजाफा हो रहा है। चोरी की घटनाएं अब आम बात हो गई हैं, जहां अपराधी न केवल वाहनों, घरों और मंदिरों को अपना शिकार बना रहे हैं, बल्कि हाल ही में महाकाली मंदिर में हुई चोरी और जैन समुदाय के रथ से कलश चोरी की घटना ने क्षेत्रवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब किसी भी स्थान पर चोरी करने से नहीं कतराते।
अवैध कारोबारों की स्थिति भी और खराब हो चुकी है। अवैध शराब, गांजा, जुआ और सट्टा खुलेआम चल रहे हैं, और इस पर न तो पुलिस का कोई नियंत्रण है और न ही कोई कार्रवाई होती दिख रही है। इन अपराधों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें बच्चे खुलेआम जुआ खेलते नजर आ रहे हैं। पुलिस का डर पूरी तरह से खत्म हो चुका है और अपराधी अब अपनी गतिविधियों को बेखौफ होकर अंजाम दे रहे हैं।
बकस्वाहा के लगभग 70 गांवों की 75,000 से अधिक की आबादी खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। जब बकस्वाहा मुख्यालय पर इस तरह के अपराध और अवैध कारोबार बढ़ रहे हैं, तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों की हालत क्या होगी, यह सोचने का विषय है। बम्हौरी और नैनागिर पुलिस चौकियों की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। यहां भी अपराधियों का बोलबाला है और पुलिस बिना किसी कार्रवाई के अपना समय गंवा रही है।
मडदेवरा क्षेत्र में तो अपराधियों का मनोबल और भी बढ़ चुका है। यहां दिनदहाड़े हत्या की कोशिशें, लूट और हिंसक वारदातें हो रही हैं, और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती। हाल ही में एक शख्स ने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण उसका भतीजा अपराधियों के हमले का शिकार हो गया। अगर पुलिस समय पर एक्शन लेती, तो शायद यह घटना टल सकती थी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस का ध्यान केवल शहरी इलाकों पर ही रहता है, जबकि ग्रामीण इलाकों में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि पुलिस प्रशासन कब तक इन अपराधियों पर लगाम लगाएगा, या फिर यहां कोई बड़ी घटना घटित होने का इंतजार किया जाएगा?
यह साफ नजर आ रहा है कि अगर पुलिस प्रशासन ने इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो बकस्वाहा में अपराधों और अवैध कारोबारों का विस्तार और खतरनाक रूप ले सकता है। बकस्वाहा के नागरिक अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस इस गंभीर स्थिति को गंभीरता से ले और इसे नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल कदम उठाए।
एसडीओपी बड़ामलहरा, रोहित अलावा का कहना है कि पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है, और जो भी जानकारी हमें मिलती है, उस पर कार्यवाही की जाती है। हालांकि, यह सवाल उठता है कि क्या इस 'मुस्तैदी' का प्रभाव जनता पर महसूस हो रहा है?